ट्रम्प ने साबरमती आश्रम के विजिटर बुक में बापू का जिक्र तक नहीं किया, राजघाट पर भी 22 शब्द ही लिख पाए; ओबामा ने 47 शब्द लिखे थे

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दो दिन का भारत दौरा खत्म कर लौट चुके हैं, मगर पहली बार भारत आए ट्रम्प की आलोचना अब तक हो रही है। कारण- अहमदाबाद के साबरमती आश्रम के विजिटर बुक में महात्मा गांधी का जिक्र तक न करना ओर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें शुक्रिया अदा करना। ट्रम्प सोमवार को साबरमती में थे। वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जो साबरमती के गांधी आश्रम पहुंचे थे। लोग ट्रम्प की आलोचना करते हुए बिल क्लिंटन का हवाला दे रहे हैं, लेकिन क्लिंटन बतौर राष्ट्रपति गांधी आश्रम नहीं गए थे। वे अगस्त 2001 में वहां गए थे, तब तक उन्हें राष्ट्रपति पद छोड़े 7 महीने हो चुके थे। उन्होंने वहां विजिटर बुक पर लिखा था- ‘भारतीय अनुयायियों और दुनिया की आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण इस पवित्र स्थान पर मेरे स्वागत के लिए धन्यवाद।’



ट्रम्प मंगलवार को दिल्ली के राजघाट पहुंचे। शायद, गांधी आश्रम के वाकये से वाकिफ ट्रम्प ने वहां के विजिटर बुक में गांधीजी का जिक्र किया। उन्होंने लिखा 'अमेरिका के लोग संप्रभु और अद्भुत भारत के साथ दृढ़ता से खड़े हैं। महान महात्मा गांधी की भी यही सोच थी।'


14 साल में यह चौथा मौका था जब राजघाट पर किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने बापू को श्रद्धांजलि दी। 2006 में जॉर्ज बुश, 2010 और 2015 में ओबामा राजघाट पर आ चुके हैं। इन दोनों से पहले 1959 में अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहॉवर और 2000 में बिल क्लिंटन भी यहां आ चुके हैं।


राजघाट के विजिटर बुक में सबसे कम 22 शब्द ट्रम्प के, ओबामा ने 47 शब्द लिखे थे
मार्च 2006 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और उनकी पत्नी लारा बुश राजघाट आए थे। बुश ने यहां की विजिटर बुक में 38 शब्द लिखे थे। इसके बाद 2010 और 2015 में ओबामा पहुंचे। ओबामा ने 2010 में यहां के विजिटर बुक में 33 और 2015 में 47 शब्द लिखे। मंगलवार को जब ट्रम्प यहां आए तो श्रद्धांजलि के सिर्फ 22 शब्द लिखे।


1) जॉर्ज डब्ल्यू बुश (2 मार्च 2006)


विजिटर बुक में क्या लिखा : "महात्मा गांधी की पवित्र समाधि पर आने का सम्मान प्राप्त करने का अवसर दिए जाने का मैं आभारी हूं। उनका जीवन दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा था और मानव जाति के लिए उनके योगदान ने उन्हें इतिहास के महान नेताओं में स्थान दिया।'



2) बराक ओबामा (8 नवंबर 2010)


विजिटर बुक में क्या लिखा : जिस महान आत्मा ने अपने शांति, संयम और प्यार के संदेश से पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया, हम उसे हमेशा याद रखेंगे। उनके निधन को 60 से ज्यादा साल गुजरने के बाद भी उनकी आभा दुनिया को प्रेरणा देती है।



3) बराक ओबामा (25 जनवरी 2015)


विजिटर बुक में क्या लिखा : डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने जो कहा था, वह आज भी सही है। गांधी की आत्मा काफी हद तक भारत में आज भी जीवित है और यह दुनिया के लिए एक दुर्लभ तोहफा है। हम सभी लोगों और देशों के बीच उनके प्रेम और शांति की भावना को हमेशा जीवित रखें।




साबरमती के गांधी आश्रम आए प्रमुख राष्ट्रध्यक्षों ने गांधी की तारीफ की